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भारतीय ज्योतिष शास्त्रानुसार रत्न किसी ना किसी ग्रह का प्रतिनिधित्व करते हैं। रत्नों का संसार बेहद बड़ा है। लेकिन विशेष रूप से केवल नौ रत्न ही महत्वपूर्ण माने जाते हैं। रत्नों का धारण करने से मनुष्यको कई लाभ होते हैं। रत्नों का लाभ और अन्य बातें रत्न से संबंधित ग्रह पर निर्भर करती हैं।

हमारे जीवन में नौ रत्नों का बहुत महत्व है. इनको धारण करने से हम अपने भाग्य के रास्ते की बाधा को काफी हद तक दूर करने में सक्षम हो सकते है.हमारी जन्म राशि और लग्न, अपने अन्दर सभी तरह के गुण-दोषों को लिए हुये है, जैसे आयु से सम्बंधित, स्वास्थ्य से इसका गहरा संबंध है.धन का यह प्रतिनिधित्व करती है. यश प्राप्ति में सहायक व काम धंधे की परिचायक, हमारा आचार-व्यवहार तथा विचारों का आदान प्रदान, इन सभी व्यापक गुणों की दृष्टि में रखते हुये हमें राशि(लग्न) से सम्बंधित रत्न धारण करना चाहिए राशि से सम्बंधित रत्न को मुख्य रत्न कहते है. कुछ रत्न ऐसे है, जो हमारे कष्टों का निवारण करते है. और कुछ रत्न ऐसे है, जो हमे कष्ट पंहुचाते है. यह जान लेना अति आवश्यक है कि आप जिस रत्न को धारण करने जा रहे है, कंहीं वह आपके लिए कष्टकारी तो नहीं? हम आपको सभी बारह राशियों(लग्न) के रत्नों के बारे में जानकारी देंगे कि कौन व्यक्ति अपनी राशि व लग्न के अनुसार कौन कौन से रत्न धारण कर सकता है.

माणिक्य रत्न

मोती रत्न

मूंगा रत्न

पन्ना रत्न

पुखराज रत्न

हीरा रत्न

नीलम रत्न

गोमेद रत्न

लहसुनिया रत्न

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