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इस चक्र की उपयोग विधि इस प्रकार है-

जिसे भी अपने सवालों का जवाब या परेशानियों का हल जानना है वो पहले पांच बार ऊँ ऐं ह्लीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे मंत्र का जाप करने के बाद 1 बार इस मंत्र का जाप करें-

या देवी सर्वभूतेषु मातृरुपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

इसके बाद आंखें बंद करके अपना सवाल पूछें और माता दुर्गा का स्मरण करते हुए प्रश्नावली चक्र पर कर्सर घुमाते हुए रोक दें। जिस कोष्ठक (खाने) पर कर्सर रुके, उस कोष्ठक में लिखे अंक के फलादेश को ही अपने प्रश्न का उत्तर समझें।

1- धन लाभ होगा एवं मान-सम्मान भी मिलेगा।

2- धन हानि अथवा अन्य प्रकार का अनिष्ट होने की आशंका है।

3- अभिन्न मित्र अथवा प्रिय से मिलन होगा, जिससे मन प्रफुल्लित होगा।

4- कोई व्याधि अथवा रोग होने की आशंका है, अत: कार्य अभी टाल देना ही ठीक रहेगा।

5- जो भी कार्य आपने सोचा है, उसमें आपको सफलता मिलेगी, निश्चिंत रहें।

6- कुछ दिन कार्य टाल दें। इसमें किसी से कलह अथवा कहासुनी हो सकती है, जिसके दूरगामी प्रभाव हो सकते हैं।

7- आपका अच्छा समय शुरू हो गया है। शीघ्र ही सुंदर एवं स्वस्थ पुत्र होने के योग हैं। इसके अतिरिक्त आपकी अन्य मनोकामनाएं भी पूर्ण होंगी।

8- विचार पूरी तरह त्याग दें। इस कार्य में मृत्यु तुल्य कष्ट की आशंका है। यहां तक कि मृत्यु भय भी है।

9- समाज अथवा सरकार की दृष्टि में सम्मान बढ़ेगा। आपका सोचा हुआ कार्य अच्छा है।

10- आपको अपेक्षित लाभ प्राप्त होगा, अत: कार्यारंभ कर सकते हैं।

11- आप जिस कार्य के बारे में सोच रहे हैं, उसमें हानि की आशंका है।

12- आपकी मनोकामना पूर्ण होगी। पुत्र से भी आपको विशेष लाभ मिलेगा।

13- शनिदेव की उपासना करें, कार्य में आ रही बाधाएं दूर होंगी।

14- आपका अच्छा समय शुरू हो गया है। चिंताएं मिटेंगी, सुख-संपत्ति प्राप्त होगी।

15- आर्थिक तंगी के कारण ही आपके घर में सुख-शांति नहीं है। एक माह बाद स्थितियां बदलने लगेंगी, धैर्य एवं संयम रखें।

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