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जातक की कुंडली को देखकर उसकी योग्यता और शिक्षा में रूझान का अनुमान सहज ही लगाया जा सकता है। गुरु शिक्षा का मुख्य कारक ग्रह है। बुध से गणित विद्या, अभिनय, शुक्र, चंद्रमा से संगीत, लेखन, एंकरिंग, कला, शनि से व्यापार, वास्त, राहु से विदेशी शिक्षा, मंगल से युद्ध विद्या अर्थात सेना तथा शनि मंगल से सर्जरी व इंजीनियरिंग तथा बुध गुरु से सी. ए. व कानून, बुध, गुरु मंगल से पत्रकारिता तथा सूर्य से मेडिकल साइंस व राज विद्या का विचार किया जाता है। द्वितीय, चतुर्थ, पंचम, नवम व दशम भाव से क्रमशः सरस्वती कृपा, सामान्य शिक्षा, बुद्धि, उच्च शिक्षा तथा विद्या जनित यश का विचार किया जाता है। आपके लिए वर्तमान समय में ग्रह स्थिति के आधार पर किस प्रकार की शिक्षा प्राप्त करना आदि प्रश्नों का उत्तर जानने के लिए शिक्षा विश्लेषण रिपोर्ट पर क्लिक करें।

शिक्षा विश्लेषण रिपोर्ट के लाभ:

इस रिपोर्ट के माध्यम से यह जानें कि क्या आपकी ग्रह स्थिति मनोवांछित शिक्षा प्राप्ति के लिए उपयुक्त है?

आपके लिए शिक्षा का कौन सा क्षेत्र उचित रहेगा?

क्या वर्तमान समय में शिक्षा की योजना बनाना उचित रहेगा?

क्या आपके लिए व्यावसायिक शिक्षा हेतु विदेश जाना उचित रहेगा?

वर्तमान समय व भविष्य में शिक्षा में कैसी संभावनाएं बनेंगी?

कौन सा उपाय करना कारगर रहेगा?

क्या किसी विशेष पूजा की आवश्यकता है?

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